मंगलवार, 16 जून 2015

                इनके जज्वे को सलाम
           आज सुवह मार्र्निगं वाक पर घर से जीटी रोड पर पहुंचा तो एक आटाे रुका उसमें से दो लोग घिसट कर उतरे ।उसमें से एक का दोनों पर घुटने से कटा था दूसरे के पूरा पैर तो था पर वह पैर घुटने से मुडा था वह भी खडा नहीं हो सकता है।यह दोनो घिसट कर हाथ के सहारे चलते है।मुझे बडा  आश्चर्य हुआ कि इतने सुवह सुवह ये कहां जा रहे है।मैने इनसे पूछा कि कहां जाना है।मुझे आश्चर्यचकित करते हुए झ्होने बताया कि ये लोग MES की परीक्षा देनें जा रहे हैं।मैने इन लोगों को सङ्क पार करवा कर आटो में बैठा कर आगे बढा।परन्तु आज वाक के दौरान मै यह सोचता रहा कि कैसे इन्होने पढाई की होगी और अव आगे नौकरी के लिए प्रयत्न शील है।बहुत अच्छा लगता है ऐसे लोगों को देख कर।सच में इन्हीं लोगों को देख कर जीवन में प्रेरणा मिलती है।

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